
मैं मन के मौहलों में मशहूर,
मैं अधखुली अखियों का अखनूर,
मैं तो आपका आनन्द हूँ हुज़ूर !
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मैं सरपट शरीर का सरूर,
मैं लबो व् लफ़्ज़ों का नूर,
मैं तो आपका आनन्द हूँ हुज़ूर !
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मैं कर्मठ काया का कोहिनूर,
मैं गम में याद आता हूँ जरूर,
मैं तो आपका आनन्द हूँ हुज़ूर !
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मैं होने ना दूँ आपको मज़बूर,
मैं खोने ना दूँ आपके चेहरे का नूर,
इस आनन्द को चश्म -ए-बदूर !
आनन्द दाधीच -बैंगलोर (c), writer of "Manjusha"
Meanings - मसहूर-Famous,अखनूर-Fort,सरूर-Joy,नूर-Light,कोहिनूर-Diamond,मज़बूर-Compelled,चश्म -ए-बदूर-God protect from evil eyes
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